रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने बांधा समां, अमय मौर्य ने दिया सत्य और सदाचार का संदेश
पी.के.गुप्ता
गयाजी। ग्रीन फील्ड ई-स्कूल, गया में दशहरा उत्सव एवं गरबा-डांडिया समारोह हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। मां नवदुर्गा की विधिवत आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रंग-बिरंगे परिधानों, मधुर संगीत और डांडिया की थाप पर विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को उत्सवी रंग में रंग दिया। समारोह में छात्र पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और छात्राएं आकर्षक लहंगों में नजर आईं। गरबा और डांडिया की लयबद्ध प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सुंदर झलक पेश की। शिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा
विद्यालय के निदेशक अमय मौर्य ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य के मार्ग पर चलने, अन्याय का विरोध करने और सदाचार को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक एकता की भावना भी विकसित करते हैं।
संस्कृति से जुड़ाव के साथ नैतिक मूल्यों की सीख
विद्यालय के हेड कोऑर्डिनेटर आर. के. वर्मा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि दशहरा सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक सोच अपनाने तथा अपने आचरण में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक अमय मौर्य, हेड कोऑर्डिनेटर आर.के.वर्मा अन्य कोऑर्डिनेटर, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे। मां दुर्गा की आरती, गरबा-डांडिया की प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक सहभागिता के बीच समारोह का समापन दशहरा की शुभकामनाओं एवं सदाचार के संदेश के साथ हुआ।











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