सर्वे, पुनर्वास, कौशल विकास और बाल भिक्षावृत्ति रोकने पर रहेगा विशेष फोकस
अमित गुप्ता
हरिद्वार। हरिद्वार को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। आज जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में भिक्षावृत्ति उन्मूलन के लिए तैयार एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार को ऐसा शहर बनाया जाए, जहां कोई भी व्यक्ति मजबूरी में भीख मांगने को विवश न हो। इसके लिए जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन, आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
घाटों, मंदिरों और रेलवे स्टेशन पर होगा सर्वे
बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर के प्रमुख मंदिरों, घाटों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशन सहित सभी प्रमुख स्थानों पर भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
सर्वे में उनकी आयु, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की अलग-अलग श्रेणियां तैयार की जाएंगी।
पुनर्वास और रोजगार पर रहेगा जोर
कार्ययोजना के तहत भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों के लिए अस्थायी और स्थायी आश्रय गृह, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, नशामुक्ति और मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें स्थानीय उद्योगों, होटलों, दुकानों और सेवा क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया जाएगा।
बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
बैठक में बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। भीख मांगने वाले बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, पोषण और आवासीय शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं बाल श्रम और बाल तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
जन-जागरूकता और विभागीय समन्वय पर फोकस
डीएम ने सोशल मीडिया, रेडियो और स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा प्रमुख स्थानों पर जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय जरूरतमंद लोगों को पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करें। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग और गैर-सरकारी संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने, प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियां तय करने तथा नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। शिकायतों और सुझावों के लिए हेल्पलाइन एवं ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, सीओ सदर एसपी बलूनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, उप नगर आयुक्त श्याम सुंदर दास, उप नगर आयुक्त रुड़की अमरजीत कौर, एसीएमओ डॉ. कुंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







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