चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, आनन्दा डेयरी पर 3 लाख रुपये का जुर्माना

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अमित गुप्ता 

हरिद्वार। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपद भर में सघन निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम लगातार होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि चारधाम यात्रा और गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में हरिद्वार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित आठ अस्थायी एवं स्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट और ढाबों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करने, ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने तथा तीर्थ यात्रियों को ताजा भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दो खाद्य कारोबारियों के खिलाफ एफएसएसएआई लाइसेंस नहीं होने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर चालानी कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया। अधिकारियों ने बताया कि चारधाम यात्रा-2026 के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

आनन्दा डेयरी पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्ष कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा द्वारा रामनगर, ज्वालापुर स्थित मै० आनन्दा डेयरी का निरीक्षण किया गया था।

जांच के दौरान प्रतिष्ठान द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। साथ ही परिसर में कालातीत (एक्सपायर्ड) खाद्य सामग्री भी पाई गई थी। इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मै० आनन्दा डेयरी, रामनगर, ज्वालापुर पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, गुणवत्ता से समझौता और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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