अमित कुमार
हरिद्वार/अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्व मंच पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। 78 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों के बीच भारतीय टीम ने कुल 114 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इनमें 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। अहमदाबाद स्थित द एरीना बाय ट्रांस स्टेडिया में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत की 122 सदस्यीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए योगासन खेल में अपना दबदबा कायम रखा। प्रतियोगिता का शुभारंभ योग गुरु स्वामी रामदेव, भूपेंद्र पटेल, साध्वी देवप्रिया तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
आचार्यकुलम् के खिलाड़ियों ने रचा स्वर्णिम इतिहास
भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए पतंजलि योगपीठ से संचालित आचार्यकुलम् के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए। सब-जूनियर वर्ग में अथर्व सिंह नेगी ने हैंड बैलेंसिंग एवं ट्रेडिशनल योगासन ग्रुप स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
वहीं बालिका वर्ग में अल्का शर्मा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि जूनियर बालिका वर्ग में यति यशवी ने तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट प्रस्तुति के बल पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में आचार्यकुलम् के खिलाड़ियों ने संतुलन, लचीलापन और योग कौशल का अद्भुत प्रदर्शन कर निर्णायकों एवं दर्शकों को प्रभावित किया।
प्रशिक्षकों के समर्पण का मिला प्रतिफल
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे आचार्यकुलम्, हरिद्वार योगासन एसोसिएशन तथा पतंजलि योगपीठ के प्रशिक्षकों का अथक परिश्रम और मार्गदर्शन रहा। इस सफलता पर विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन डॉ. ऋतंभरा, प्रधानाचार्या स्वाति मुंशी, उपप्रधानाचार्य तपस कुमार बेरा, समन्वयक दीपा देवी, खेल विभागाध्यक्ष अमित दानी तथा समस्त आचार्यों ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, उत्तराखंड और आचार्यकुलम् का नाम रोशन करते रहेंगे।
क्या बोले गणमान्य
स्वामी रामदेव ने कहा कि योगासन केवल खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का आधार है। आचार्यकुलम् के ये प्रतिभाशाली विद्यार्थी भविष्य में भारत को योग के क्षेत्र में विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सभी विजेता खिलाड़ी बधाई के पात्र हैं। उनकी सफलता अन्य युवाओं को भी भारतीय संस्कृति और योग के प्रति प्रेरित करेगी। वहीं डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन सिद्ध करता है कि योगासन खेल में भारत विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। आचार्यकुलम् एवं पतंजलि से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के प्रयासों ने भारतीय टीम को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है।












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