जनसुनवाई में 88 शिकायतें दर्ज, 45 का मौके पर निस्तारण

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सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, 36 दिन से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर जोर

अमित कुमार

हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 88 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 45 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड समेत विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं।

कॉलोनी की सुरक्षा से लेकर अतिक्रमण तक शिकायतें

हरिलोक कॉलोनी फेस-1, ज्वालापुर निवासी ओपी सिंह ने आवासीय भवनों में कथित व्यावसायिक गतिविधियों और कॉलोनी की सुरक्षा दीवार तोड़कर बाहरी वाहनों के निर्बाध आवागमन की शिकायत की। उन्होंने इससे कॉलोनीवासियों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। ग्राम लाल वाला खालसा के ग्रामीणों ने ग्राम समाज की भूमि खसरा नंबर 088 पर अतिक्रमण का मामला उठाया। वहीं ग्राम सैदपुर, पंचायत कुरड़ी निवासी विद्या ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने और आवास नहीं होने की समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। बहादराबाद-बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की मुख्य 60 फीट सड़क पर पिछले चार-पांच वर्षों से जलभराव, गंदगी और सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायत भी जनसुनवाई में पहुंची। शिकायतकर्ता प्रियांशु ने समस्या के तत्काल समाधान की मांग की।

ग्राम रंघड़वाला, तहसील रुड़की निवासी रामकुमार ने वर्ष 1988-99 में आवंटित पट्टे की भूमि को खतौनी में दर्ज नहीं किए जाने की शिकायत की। वहीं शिव गंगा विहार सोसाइटी, ग्राम दादूपुर गोविंदपुर क्षेत्र के निवासियों ने प्लास्टिक कबाड़ के अनियंत्रित भंडारण, प्लास्टिक जलाने और उससे हो रहे पर्यावरण प्रदूषण की शिकायत करते हुए तत्काल निरीक्षण एवं कार्रवाई की मांग की।

लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में दर्ज प्रत्येक शिकायत का शीघ्र और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी सख्ती

बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा। समीक्षा के दौरान एल-1 स्तर पर 267 और एल-2 स्तर पर 89 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जीएम डीआईसी उत्तम कुमार तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, परियोजना निदेशक उरेडा वाईएस बिष्ट सहित जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।

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