14.70 किमी आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण पर 21.64 करोड़ खर्च, कनखल-मध्य हरिद्वार और भारत माता मंदिर क्षेत्र भी होंगे बेहतर
अमित कुमार
हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए हरिद्वार के सड़क तंत्र को बड़े पैमाने पर मजबूत किया जा रहा है। शहर की आंतरिक सड़कों से लेकर प्रमुख संपर्क मार्गों तक चौड़ीकरण, नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण और फुटपाथ निर्माण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मेला प्रशासन संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय कर इन कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। कुंभ की तैयारियों के तहत लोक निर्माण विभाग के अधीन पुराने दिल्ली-ऋषिकेश राज्य मार्ग और हरिद्वार शहर के अन्य आंतरिक मार्गों के 14.70 किलोमीटर हिस्से में बीसी से नवीनीकरण और फुटपाथ निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए 21.64 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक तीन किलोमीटर मार्ग को 3.93 करोड़ रुपये की लागत से तथा बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर होते हुए बूढ़ीमाता मंदिर तक 2.885 किलोमीटर मार्ग को 3.94 करोड़ रुपये की लागत से सुधारा जा रहा है। इसी तरह शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों समेत बैरियर से गुघाल मंदिर जाने वाले कुल 6.90 किलोमीटर मार्ग पर 6.44 करोड़ रुपये की लागत से बीसी और फुटपाथ निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
बैरागी कैंप से एनएच तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
आईरिस पुल से बैरागी कैंप, विश्व कल्याण आश्रम और मातृ सदन आश्रम होते हुए ज्वालापुर-लक्सर-पुरकाजी राष्ट्रीय राजमार्ग तक 6.74 किलोमीटर मार्ग का 3.91 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। वहीं, ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग के करीब सात किलोमीटर हिस्से में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा पुराना आरटीओ चौक से भारत माता मंदिर तक 3.15 करोड़ रुपये की लागत से सीसी मार्ग प्रस्तावित है। मध्य हरिद्वार के आंतरिक मार्गों के सुधार के लिए 5.78 करोड़ और कनखल क्षेत्र में विभिन्न मार्गों के सीसी निर्माण के लिए 1.99 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।
78 किमी में 12 सड़कों पर काम
कुंभ की जरूरतों को देखते हुए हरिद्वार डिवीजन के माध्यम से नगर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 78 किलोमीटर लंबाई की 12 सड़कों को बेहतर बनाने के कार्य भी प्रगति पर हैं। इनमें बहादराबाद-सिडकुल चार लेन मार्ग को भाईचारा ढाबा से बीएचईएल बैरियर संख्या-06 होते हुए शिवालिक नगर चौक तक करीब चार किलोमीटर हिस्से में चौड़ा और सुदृढ़ किया जा रहा है। पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर, दिनारपुर, सुभाषगढ़ होते हुए फेरूपुर तक 16.70 किलोमीटर मार्ग के डेढ़ लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। बहादराबाद-धनौरी-इमलीखेड़ा-भगवानपुर-गागलहेड़ी राज्य मार्ग-68 के चार किलोमीटर हिस्से का सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण भी कराया जा रहा है। ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर, पीएसी होते हुए शिवालिक नगर तक 3.40 किलोमीटर मार्ग का बीसी नवीनीकरण किया जा रहा है। आबादी वाले हिस्सों में सड़क के शोल्डर पर इंटरलॉकिंग टाइल्स भी लगाई जा रही हैं। इसके अलावा सीतापुर-जमालपुर कलां-जियापोता मार्ग के 5.50 किलोमीटर और ज्वालापुर-सराय-एक्कड़-बहादरपुर जट-अम्बूवाला-धनपुरा राज्य मार्ग के शुरुआती तीन किलोमीटर हिस्से में भी सड़क सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
कुंभ के बाद भी मिलेगा लाभ
सड़क सुधार की यह कवायद केवल कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगी। बेहतर सड़कें, विकसित फुटपाथ और मजबूत संपर्क मार्ग हरिद्वार के दीर्घकालिक यातायात तंत्र को भी मजबूती देंगे। शहर, मेला क्षेत्र और प्रमुख संपर्क मार्गों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिलेगी।कुंभ-2027 के लिए सड़क तंत्र को मजबूत करने का लक्ष्य स्पष्ट है—श्रद्धालुओं को हरिद्वार पहुंचने से लेकर मेला क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना। इसी दिशा में मेला प्रशासन और संबंधित विभाग तैयारियों को लगातार गति दे रहे हैं।










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