मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर हरकी पैड़ी में गंगा पूजन, धामी कैबिनेट ने मांगा आशीर्वाद

Spread the love

मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर हरकी पैड़ी में गंगा पूजन, धामी कैबिनेट ने मांगा आशीर्वाद

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने की गंगा आरती; बनबसा के बाद हरिद्वार में जुटा मंत्रिमंडल, जिलों तक शासन पहुंचाने की पहल को मिल रही गति

अमित कुमार

हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा पूरी होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरकी पैड़ी पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने मां गंगा से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरंतर प्रगति की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सरकार प्रमुख के तौर पर अपनी सार्वजनिक सेवा की शुरुआत की थी। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री धामी ने मां गंगा का आशीर्वाद लेकर राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की।

कैबिनेट बैठक से पहले गंगा की शरण में सरकार

हरिद्वार में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन और आरती की। धर्मनगरी में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित करना धामी सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कैबिनेट बैठकें कर शासन को राजधानी से बाहर आम लोगों और क्षेत्रीय जरूरतों के करीब ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि जिलों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित करने से स्थानीय समस्याओं, विकास संबंधी जरूरतों और जनहित के मुद्दों को सीधे शासन की प्राथमिकताओं से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप फैसले लेने और विकास कार्यों को गति देने का रास्ता भी मजबूत होगा।

बनबसा के बाद हरिद्वार में मंत्रिमंडल का मंथन

इससे पहले 4 अक्टूबर को चम्पावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। अब हरिद्वार में कैबिनेट बैठक के जरिए सरकार ने विभिन्न जनपदों तक शासन की पहुंच बढ़ाने की अपनी पहल को आगे बढ़ाया है।

श्री धामी सरकार की इस कवायद को प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय विकास की जरूरतों को प्राथमिकता देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता का आकलन स्थानीय समस्याओं के समाधान, फैसलों के क्रियान्वयन और विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *