धामी कैबिनेट की हरिद्वार बैठक को कांग्रेस ने बताया ‘चुनावी नौटंकी’

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आलोक शर्मा का हमला—जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी, कुंभ और हरिद्वार के हितों पर नहीं हुआ कोई ठोस फैसला

ज्वालापुर, बहादराबाद और कांगड़ी को कुंभ मेला क्षेत्र में शामिल करने की उठाई मांग; अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

अमित कुमार

हरिद्वार। हरिद्वार में धामी सरकार की कैबिनेट बैठक को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने बैठक को जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी और राजनीतिक चुनावी नौटंकी करार देते हुए आरोप लगाया कि धर्मनगरी में आयोजित बैठक में न तो हरिद्वार के विकास को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही आगामी कुंभ मेले से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि कैबिनेट बैठक में लिए गए अधिकांश निर्णय ऐसे हैं, जिन्हें अधिकारी स्तर पर ही लिया जा सकता था। उन्होंने ऋषिकुल विद्यापीठ में शोध संस्थान खोलने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यापीठ के संचालन के लिए पहले से ही एक संस्था कार्यरत है। उन्होंने खसरा नंबर बदलने जैसे निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे काम एडीएम स्तर पर भी किए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, बैठक में कोई बड़ा नीतिगत फैसला सामने नहीं आया।

कुंभ नगरी में बैठक, कुंभ पर ही नहीं हुई चर्चा!

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हरिद्वार कुंभ की दृष्टि से देश-दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, लेकिन यहां आयोजित कैबिनेट बैठक में कुंभ से संबंधित कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आना सरकार की उदासीनता दर्शाता है। उन्होंने कुंभ से जुड़े निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा। आलोक शर्मा ने मांग की कि ज्वालापुर, बहादराबाद और कांगड़ी जैसे क्षेत्रों को कुंभ मेला क्षेत्र में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ज्वालापुर के पांडेयवाला स्थित गुग्घाल मेला स्थल से पेशवाई निकलती हैं और यहां अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इसके बावजूद ज्वालापुर को कुंभ मेला क्षेत्र से बाहर रखा जाना समझ से परे है। उन्होंने हरिद्वार और रानीपुर के विधायकों पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जब कैबिनेट बैठक हरिद्वार में आयोजित की गई, तो शहर के विकास से जुड़ा कोई ठोस प्रस्ताव क्यों सामने नहीं आया? उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब स्थानीय समस्याओं और कुंभ की तैयारियों को लेकर ठोस फैसले लिए जाएं।

अंकिता भंडारी प्रकरण पर भी सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रवक्ता ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी धामी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अंकिता के माता-पिता ने एक वीडियो जारी कर सरकार और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शर्मा के अनुसार, पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रह गई है और जांच के नाम पर उन्हें तथा उनके संबंधियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां उन्हीं लोगों से बार-बार पूछताछ कर रही हैं, जिनसे पहले पूछताछ हो चुकी है, जबकि कथित वीआईपी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ को लेकर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने सरकार से मामले में निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।

दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा

आलोक शर्मा ने दिल्ली में छात्र-छात्राओं पर पुलिस की कथित बर्बरता की निंदा करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से समाज का हर वर्ग परेशान है। प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, सोम त्यागी, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा, सुरेश राणा, चंदन शर्मा, श्याम सिंह सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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