2.25 लाख करोड़ की परियोजनाओं से बदल रही उत्तराखंड की तस्वीर, आपदा के समय केंद्र के सहयोग को सराहा

Spread the love

मोदी के 25 साल के राष्ट्रसेवा सफर पर धामी कैबिनेट का धन्यवाद प्रस्ताव 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम सड़क, रेल और रोपवे परियोजनाओं को बताया विकास की नई रफ्तार

अमित गुप्ता

हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने सोमवार को धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर उनके नेतृत्व, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गंगा तट स्थित मेला नियंत्रण भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विकास, धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार से मिले सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। धन्यवाद प्रस्ताव में कहा गया कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों का उनका सफर सेवा, सुशासन, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक है। मंत्रिमंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाते हुए देशहित और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ

मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्ताव में लगभग 60 करोड़ जनधन खाते खोले जाने, चार करोड़ से अधिक पक्के आवास उपलब्ध कराने और वर्ष 2013-14 से 2022-23 के बीच लगभग 25 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने का उल्लेख किया गया। डिजिटल इंडिया, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और यूपीआई जैसी पहलों को शासन में पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने वाला बताया गया। मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू करने, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने और चंद्रयान-3 की सफलता को भी देश की बढ़ती सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।

उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव का उल्लेख

धन्यवाद प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड के प्रति विशेष आत्मीय और आध्यात्मिक लगाव रहा है। बाबा केदार की धरती से उन्होंने विश्वास व्यक्त किया था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मंत्रिमंडल के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश में सड़क, रेल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है। प्रस्ताव में कहा गया कि उत्तराखंड को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य मानने के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने सामरिक महत्व और विकास की व्यापक संभावनाओं वाले प्रदेश के रूप में भी प्राथमिकता दी है।

आपदाओं में केंद्र के सहयोग को सराहा

मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रधानमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन को विशेष रूप से रेखांकित किया। नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए 17 दिवसीय अभियान के दौरान प्रधानमंत्री लगातार स्थिति की जानकारी लेते रहे और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार तथा भारतीय वायुसेना के सहयोग का भी उल्लेख किया गया। अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के समय प्रधानमंत्री की ओर से तत्काल जानकारी लेने और हरसंभव मदद का भरोसा देने को प्रदेश के प्रति उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण बताया गया।

दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में

उत्तराखंड में संचालित बड़ी विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मंत्रिमंडल ने कहा कि लगभग 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का 14 अप्रैल 2026 को लोकार्पण होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे रह गया है। इससे पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। लगभग 12,595 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग विकास परियोजना को धार्मिक पर्यटन और पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। वहीं, 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को पहाड़ों तक रेल संपर्क पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम माना गया। इसके अलावा लगभग 4,081 करोड़ रुपये की सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और 2,730 करोड़ रुपये की गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इनके विकसित होने से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी। केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत जारी कार्यों को भी विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की पहल बताया गया।

ऊर्जा, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मिलेगी मजबूती

मंत्रिमंडल ने जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र के सहयोग का उल्लेख किया। टिहरी में 1,000 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्लांट को ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में विकसित हो रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद जताई गई। वहीं, किच्छा में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर को कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम पहल बताया गया।

आदि कैलाश से शीतकालीन पर्यटन तक बढ़ा जोर

प्रधानमंत्री की आदि कैलाश यात्रा और शीतकालीन पर्यटन को दिए गए प्रोत्साहन का उल्लेख करते हुए मंत्रिमंडल ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प और स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है। प्रस्ताव में वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 51 सीमांत गांवों को प्राथमिकता दिए जाने का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री की 6 मार्च 2025 को मुखवा और हर्षिल यात्रा के दौरान शीतकाल में उत्तराखंड आने की अपील के बाद शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंचने की बात कही गई। इसके साथ ही लखपति दीदी योजना को महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा आभार पत्र

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं, अवस्थापना परियोजनाओं और आपदा के समय मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री को इस संबंध में आभार पत्र भेजने का भी निर्णय लिया गया। प्रस्ताव में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया गया। मंत्रिमंडल ने विकास और विरासत, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तथा आधुनिकता और संस्कृति के बीच संतुलन स्थापित करते हुए प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता जताई।बैठक के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेला अधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *