अमेरिकन आश्रम पर कब्जे और व्यवसायीकरण का आरोप, बाबा हठयोगी बोले—संपत्ति बचाए प्रशासन

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आश्रम प्रबंधक के आरोपों को बताया निराधार, नई कमेटी के गठन पर भी उठाए सवाल

राम विशाल दास महाराज बोले—आश्रम की संपत्ति खुर्द-बुर्द करने की कोशिश, निष्पक्ष जांच जरूरी

अमित कुमार

हरिद्वार। अमेरिकन आश्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आश्रम प्रबंधक की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए बाबा हठयोगी ने आश्रम की संपत्ति की सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आश्रम की संपत्ति से उनका कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है, लेकिन वह इसे खुर्द-बुर्द नहीं होने देंगे।बाबा हठयोगी ने बताया कि पूर्व में गठित कमेटी में वह अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार, आश्रम की देखरेख कर रही महिला की अनुमति से ही जमीन खेती के लिए दी गई थी तथा कैंटीन और कमरों का निर्माण भी उनकी सहमति से हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में कुछ लोग आश्रम पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। उस समय महिला ने उनसे मदद मांगी थी, जिसके बाद उन्होंने आश्रम पर कब्जा नहीं होने दिया। उन्होंने कुछ रसूखदार लोगों पर आश्रम को कब्जाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला की ओर से नई कमेटी का गठन किया गया है, जिस पर उन्होंने नियमों के उल्लंघन का सवाल उठाया। बाबा हठयोगी ने शासन-प्रशासन से मांग की कि आश्रम की संपत्ति को सुरक्षित किया जाए और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

आश्रम के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग

बाबा हठयोगी ने राज्य सरकार से अमेरिकन आश्रम को अपने नियंत्रण में लेकर वहां कथित व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आश्रम धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक कार्यों के लिए होते हैं, इसलिए उनकी संपत्ति और मूल उद्देश्य की रक्षा की जानी चाहिए।

राम विशाल दास महाराज ने भी उठाए सवाल

पत्रकार वार्ता में राम विशाल दास महाराज ने भी आश्रम की जमीन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-माफिया आश्रम की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं और बाबा हठयोगी पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि आश्रम की संपत्ति पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम की देखरेख कर रहे कुछ लोग अपने स्वार्थ पूरे करने में लगे हैं। साथ ही, उन्होंने नई संस्था के गठन पर भी सवाल उठाए। पत्रकार वार्ता में महंत प्रेमदास, हितेश दास महाराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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