300 से अधिक शिक्षाविदों ने कराया पंजीकरण, साहित्य, भाषा, संस्कृति और सामाजिक बदलाव के विविध पहलुओं पर होगी चर्चा
पी. के. गुप्ता
बोधगया। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया का अंग्रेजी विभाग एवं शोध केंद्र 26 नवंबर से देशभर के अंग्रेजी साहित्य के विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों के बौद्धिक संवाद का केंद्र बनेगा। एसोसिएशन फॉर इंग्लिश स्टडीज ऑफ इंडिया (एईएसआई) के तत्वावधान में यहां 26 से 28 नवंबर तक 69वें अखिल भारतीय अंग्रेजी शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘परिवर्तन के आख्यान : साहित्य, भाषा और समाज की पड़ताल’ निर्धारित किया गया है। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शोध संस्थानों से शिक्षक, शोधार्थी एवं साहित्यकार भाग लेंगे। आयोजन को लेकर अब तक 300 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है। सम्मेलन में अंग्रेजी भाषा शिक्षण, अनुवाद, भारतीय अंग्रेजी साहित्य, पर्यावरण विमर्श, डिजिटल मानविकी, आदिवासी साहित्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में साहित्य की बदलती भूमिका जैसे समकालीन विषयों पर गंभीर अकादमिक विमर्श होगा। सम्मेलन के स्थानीय सचिव एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि बोधगया की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक विरासत इसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक आयोजन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है। वहीं, एईएसआई के महासचिव प्रो. विकास शर्मा ने सम्मेलन को देशभर के विद्वानों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और अकादमिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताया।सम्मेलन समन्वयक प्रो. डॉ. सुशील कुमार के अनुसार आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रतिभागियों के पंजीकरण, आवास, शोधपत्र प्रस्तुति और उनके प्रकाशन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एईएसआई के अध्यक्ष प्रो. डीसी गौतम ने कहा कि सम्मेलन साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अंतरविषयक विमर्श को नई दिशा देगा। आयोजन को सफल बनाने में पूर्णेंदु कुमार, रश्मि प्रियदर्शनी, डॉ. शोभा सहित अन्य सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन साहित्यिक विमर्श के साथ भाषा, संस्कृति और बदलते सामाजिक परिदृश्य को समझने का राष्ट्रीय मंच बनेगा।











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