सड़क पर बाजार लगने से अतिक्रमण और जाम की समस्या, सोशल मीडिया पर भी उठने लगी विरोध की आवाज
समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
ए. गुप्ता
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के वार्ड नंबर-3 भूपतवाला में लगने वाली साप्ताहिक पीठ बाजार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बाजार में दुकानदारों से कथित अवैध वसूली और सड़क पर बाजार लगाए जाने को लेकर स्थानीय पार्षद के खिलाफ दुकानदारों एवं क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का आक्रोश सामने आने लगा है। क्षेत्र के समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीठ बाजार स्थानीय पार्षद की कथित शह पर दूधाधारी चौक से गोकुल धाम तक सड़क पर लगवाई जा रही है। इससे निष्काम सेवा ट्रस्ट से मुखिया गली तक अतिक्रमण की स्थिति बन रही है और राहगीरों एवं स्थानीय निवासियों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं, बाजार में दुकान लगाने वाले दुकानदारों से कथित तौर पर हजारों रुपये प्रति पीठ बाजार वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। पहले से महंगाई की मार झेल रहे छोटे दुकानदारों पर इस कथित वसूली को अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के चलते भूपतवाला के मोतीचूर स्थित मैदान को मेला प्रशासन ने अधिग्रहित कर लिया है। पहले इसी मैदान में साप्ताहिक पीठ बाजार लगती थी। मैदान उपलब्ध नहीं होने के बाद अब सड़क पर बाजार लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर दुकानदारों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक ओर स्थानीय लोग बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था जैसी समस्याओं से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि से इन समस्याओं के समाधान की अपेक्षा के बावजूद बाजार में कथित वसूली का मामला सामने आ रहा है। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है। स्थानीय नागरिकों ने पार्षद से जुड़े पूर्व के कुछ विवादों का भी हवाला दिया है। इनमें मोतीचूर रेलवे स्टेशन पुलिया के नाले से कथित अवैध मिट्टी खनन और निर्माणाधीन ताज होटल से जुड़ा विवाद शामिल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल निर्माण के दौरान गहरी खुदाई से पानी का रिसाव होने के कारण क्षेत्र में कई दिनों तक पेयजल संकट बना रहा था। क्षेत्र के समाजसेवियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि ऐसे मामलों को बढ़ावा देना जिनसे आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़े। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पीठ बाजार में कथित अवैध वसूली, सड़क पर बाजार लगाने और अतिक्रमण के मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।











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