कोर विश्वविद्यालय में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर जागरूकता रैली, एंटीबायोटिक के जिम्मेदार इस्तेमाल का दिया संदेश
अमित कुमार
रुड़की। दवा सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि उसके सही इस्तेमाल की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी संदेश के साथ कोर विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस-2026 उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों का सशक्तिकरण” रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर “स्वस्थ भारत : रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबला” का संदेश दिया और एंटीबायोटिक के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया। रैली के बाद आयोजित वैज्ञानिक पोस्टर, फार्मा क्विज और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक समझ, रचनात्मकता और संप्रेषण कौशल का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक, पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
‘फार्मासिस्ट दवा और मरीज के बीच सेतु’
मुख्य अतिथि स्टेट फार्मेसी काउंसिल उत्तराखंड के रजिस्ट्रार के.एस. फरस्वान ने कहा कि फार्मासिस्ट दवा और मरीज के बीच महत्वपूर्ण सेतु है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी के साथ कार्य करने, निरंतर सीखते रहने तथा रोगी की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
‘स्वास्थ्य के मौन प्रहरी हैं फार्मासिस्ट’
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जे.सी. जैन ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था के मौन प्रहरी हैं। विश्वविद्यालय कुशल, नैतिक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार फार्मेसी पेशेवर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राचार्य डॉ. ममता एफ. सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा देने वाला नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा का विश्वसनीय साथी है। परामर्श और जागरूकता के माध्यम से फार्मासिस्ट समाज को स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष डॉ. श्रेयांस जैन, कार्यकारी निदेशक डॉ. चारू जैन, कुलपति डॉ. अनुभा सिंह, प्रति-कुलपति डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय सहित शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।











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