कोर विश्वविद्यालय में दो दिवसीय आयोजन; विद्यार्थियों ने रक्तदान से लेकर पौधारोपण और ‘कचरे से उपयोगी वस्तुएं’ बनाने तक दिखाई प्रतिभा
अमित कुमार
रुड़की। कोर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से 23 एवं 24 सितंबर को दो दिवसीय एनएसएस समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने रक्तदान, पौधारोपण, पोस्टर निर्माण और ‘कचरे से उपयोगी वस्तुएं’ बनाने जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। समारोह के पहले दिन सिटी चैरिटेबल ब्लड सेंटर के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और अन्य सदस्यों ने शिविर में बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। इस दौरान विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व और जरूरतमंद मरीजों के लिए इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। रक्तदान के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव सेवा के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश दिया गया।
पौधारोपण से दिया हरियाली का संदेश
दूसरे दिन पौधारोपण अभियान के साथ पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता और ‘कचरे से उपयोगी वस्तुएं’ गतिविधि आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने पोस्टरों और कलाकृतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता और सतत विकास से जुड़े संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। पौधारोपण अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण और हरित पर्यावरण के महत्व को समझते हुए पौधे रोपे। वहीं, अनुपयोगी समझी जाने वाली वस्तुओं से उपयोगी सामग्री तैयार कर विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया।
समाजसेवा से नेतृत्व क्षमता तक
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि एनएसएस जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, सहयोग, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना भी विकसित करती हैं। कार्यक्रम में प्रति-कुलपति प्रो. राजेश उपाध्याय, डॉ. चिनैयन रामसुब्रमणियन, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) अजय शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. कमल कपूर तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमरनाथ सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। दो दिवसीय समारोह का समापन विद्यार्थियों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों को निरंतर निभाने तथा जनहितकारी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का संदेश देते हुए हुआ।










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