मत्स्य पालकों की समस्याओं पर मंथन, चार को मिली सजावटी मत्स्य पालन किट

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हरिद्वार में कृषक संवाद कार्यक्रम, दो सहकारी समितियों को ₹90 हजार की सहायता के साथ लैपटॉप वितरित

उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने समस्याओं के निराकरण का दिया भरोसा, आधुनिक तकनीक अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान

अमित कुमार

हरिद्वार। मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आय संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग, हरिद्वार की ओर से मत्स्य पालक गोष्ठी एवं कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण की उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) सीमा चौहान ने मत्स्य पालकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए चार मत्स्य पालकों को किट वितरित की गईं, जबकि दो चयनित मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को कुल 90 हजार रुपये की वित्तीय सहायता के तहत लैपटॉप प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपनिदेशक मत्स्य (प्रशासन) अनिल कुमार भी उपस्थित रहे। शुभारंभ पर सहायक निदेशक मत्स्य, हरिद्वार ने मुख्य अतिथि सीमा चौहान और अनिल कुमार का स्वागत किया।

तालाबों पर अतिक्रमण और मगरमच्छ की घटनाओं का मुद्दा उठा

कृषक संवाद के दौरान जनपद के मत्स्य पालकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मत्स्य पालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की। मत्स्य पालकों ने ग्राम समाज के तालाबों पर अतिक्रमण, तालाबों में मगरमच्छ के प्रवेश की घटनाओं और मत्स्य बीमा से संबंधित समस्याएं उठाईं। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय सहयोग और मार्गदर्शन की मांग की।एफएफपीओ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत मत्स्य सहेली यूनिट संचालित करने वाली कल्पना सहित ओमपाल, शिवकुमार, संजीव कुमार, सचिन कुमार, राजेश कुमार, सेवा राम और सुशील समेत अन्य मत्स्य पालकों ने अपनी समस्याओं और सुझावों से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए विभागीय योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया। जनपद में सजावटी मत्स्य पालन (ऑर्नामेंटल फिशरीज) को प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र से जुड़े अनुसूचित जाति के मत्स्य पालकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार लाभार्थियों को सजावटी मत्स्य पालन किट दी गईं। ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक जय प्रकाश ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सजावटी मत्स्य पालन को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने मत्स्य पालकों से तकनीकी जानकारी हासिल कर इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

दो सहकारी समितियों को मिले लैपटॉप

प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत आवश्यकता-आधारित वित्तीय सहायता कार्यक्रम के तहत हरिद्वार की दो चयनित मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को लैपटॉप वितरित किए गए। दोनों समितियों को कुल 90 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इससे समितियों के अभिलेखों के रखरखाव, डिजिटल कार्यप्रणाली, ऑनलाइन मार्केटिंग और व्यावसायिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाने का आह्वान

उपनिदेशक मत्स्य (प्रशासन) अनिल कुमार ने मत्स्य पालकों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि संवाद के दौरान सामने आई समस्याओं को संबंधित उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समापन अवसर पर उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धतियां अपनाने और विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी मत्स्य पालन में नवाचार अपनाकर आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

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