विश्व पर्यटन दिवस पर गढ़वाल विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का समापन, विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां
अमित कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का भव्य समापन हुआ। विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में पर्यटन, सामाजिक सरोकार और जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देने वाले 11 व्यक्तित्वों एवं संस्थाओं को ‘सैर-सलीका पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।पुरस्कार समारोह में शैलेंद्र रावत (खोली होम स्टे, देहरादून), चांदनी अरोड़ा (साइकिल सखी), कीर्ति नवानी (विंसर पब्लिकेशन), उत्तराखंडी टूरिज्म एसोसिएशन, उत्तरांश, चित्रकार मुकुल बडोनी, धन सिंह ‘पेड़ वाले गुरुजी’, संदीप गुसाईं तथा अनुज (प्रथम संवेदना से सेवा तक) सहित पर्यटन एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अन्य व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
युवाओं से रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि देश के प्रथम लेखक गांव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जीवन में रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण लक्ष्यों के निर्धारण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक जीवनशैली व्यक्ति के व्यक्तित्व को नई दिशा देती है। प्रकृति, संस्कृति और संस्कार व्यक्ति के जीवन को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों से जोड़ने की अपील की। उनके साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यटन, संस्कृति और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन
तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागियों ने समापन समारोह में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रचनात्मक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं ने समारोह में मौजूद दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में पर्वतीय पर्यटन, आतिथ्य, स्थानीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध विविध अवसरों से परिचित कराने के साथ उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
समापन समारोह में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. राकेश ड्योढ़ी, पर्यटन प्रबंधन की डीन प्रो. रश्मि ड्योढ़ी, नियुक्ति डीन प्रो. मोहन पंवार, वित्त अधिकारी डॉ. अजय मोहंती सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्रसंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।











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