माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा देने और कुंभकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की उठी मांग
अमित कुमार
हरिद्वार। अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ ने प्रजापति समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस नीति बनाने और राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष डा. सुरेंद्र मनीनवाल ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि कुंभकार समाज लंबे समय से माटी कला और शिल्प के माध्यम से रोजगार से जुड़ा है, लेकिन बदलते दौर में आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि शिल्पकला में दक्ष कारीगरों को सोलर भट्टी योजना से जोड़ा जाए तथा कुंभकारों को बिजली के चाक उपलब्ध कराए जाएं। माटी कला से जुड़े लोगों की समस्याओं के प्रत्येक पहलू को समझते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि कुंभकार अपने पारंपरिक रोजगार को बेहतर तरीके से संचालित कर सकें। मनीनवाल ने माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि कुंभकार समाज अति पिछड़े वर्ग से आता है। इसके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए सरकार को गंभीरता से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कहा कि प्रजापति समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, जिला पंचायत और नगर निकायों में समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज की आवाज प्रभावी ढंग से सदनों तक पहुंच सके। जातिगत जनगणना की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जनगणना फार्म में जाति का स्पष्ट कॉलम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किए बिना उसके विकास के लिए प्रभावी नीतियां बनाना कठिन है। मनीनवाल ने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रेसवार्ता में शिवकुमार, बालूराम, अतर सिंह, विनोद प्रजापति, राजाराम प्रजापति, राजेंद्र कश्यप के अलावा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमपाल त्यागी और मनोज सैनी मौजूद रहे।











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