COER विश्वविद्यालय में दीपोत्सव की भव्य छटा, दीपों से जगमगाया परिसर
अमित कुमार
रुड़की। COER विश्वविद्यालय में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। ‘प्रतीक्षा, आगमन और उत्सव’ की भावपूर्ण थीम पर आधारित इस आयोजन में भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की अयोध्या वापसी के प्रसंग को मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक झांकियों के माध्यम से जीवंत कर दिया गया। दीपों की जगमगाहट, पारंपरिक सजावट और भक्तिमय वातावरण से पूरा विश्वविद्यालय परिसर अयोध्या की दिव्य छटा में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जेसी जैन, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. श्रीयांस जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. चारु जैन और कुलपति डॉ. अनुभा सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना तथा इन जीवन मूल्यों को व्यवहार में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना रहा। दीपोत्सव को तीन भावपूर्ण चरणों—‘प्रतीक्षा’, ‘आगमन’ और ‘उत्सव’ में विभाजित किया गया। प्रथम चरण ‘प्रतीक्षा’ में भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने की प्रतीक्षा, माता सीता के त्याग और भरत की अनन्य भक्ति को प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने त्याग, धैर्य, प्रेम, निष्ठा और समर्पण के संदेश को दर्शकों के हृदय तक पहुंचाया। द्वितीय चरण ‘आगमन’ आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। इस दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की अयोध्या वापसी को भव्य झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुष्पवर्षा, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने प्रभु श्रीराम के आगमन के ऐतिहासिक प्रसंग को सजीव कर दिया। इसके बाद ‘उत्सव’ चरण में दीप प्रज्ज्वलन, आकर्षक रोशनी और पारंपरिक सजावट के बीच दीपावली की खुशियां साझा की गईं। विश्वविद्यालय परिसर को असंख्य दीपों, रंग-बिरंगी रोशनी और कलात्मक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामूहिक प्रयासों ने दीपोत्सव को यादगार बना दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजन समिति, शिक्षकों और विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ उनमें एकता, सहयोग, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। COER विश्वविद्यालय का यह दीपोत्सव केवल रोशनी और सजावट का आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला उत्सव बनकर सामने आया। ‘प्रतीक्षा, आगमन और उत्सव’ की त्रिवेणी ने पूरे परिसर को राममय कर दीपावली के उल्लास को अविस्मरणीय बना दिया।











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