अमित कुमार
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। हरिद्वार में आयोजित दो दिवसीय विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित तथा अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम तथा महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के साथ हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश, शारदा और गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है तथा कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से दून यूनिवर्सिटी में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां भारतीय दर्शन, संस्कृति और सभ्यता पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। बैठक में उपस्थित संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री धामी को धर्मरक्षक एवं सनातन सेवा के लिए समर्पित बताते हुए उनका अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि उत्तराखंड में सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वहीं महामंडलेश्वर Swami Rupendra Prakash Maharaj ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। बैठक में संत समाज, विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।











Leave a Reply