*पूर्व में जिलाधिकारी दीपक रावत ने बदनाम शंकर डेरी पर मारा था छापा* *धर्म नगरी में चौराहों पर अवैध शराब के धंधे पर उठ रहे थे सवाल आबकारी विभाग की नींद खुलने पर हुई छापेमारी*
डॉ हिमांशु द्विवेदी
हरिद्वार। धर्म नगरी के सड़कों पर दूध दही और मोबाइल की दुकानों पर शराब बिकना अपने आप में एक बड़ा सवाल है। रानीपुर मोड़ पर स्थित शंकर डेरी और राणा मोबाइल शॉप पर अवैध रूप से बिक रही शराब को आबकारी विभाग ने छापा मारकर अंग्रेजी शराब का एवं देसी का जखीरा पकड़ा। आबकारी विभाग जब शंकर डेरी पर पहुंचा तो उसने पाया कि डीप फ्रीजर के अंदर सैकड़ो की संख्या में व्हिस्की और बीयर की बोतले ठंडी हो रही थी आबकारी टीम को देखकर शंकर डेरी का मालिक रफूचक्कर हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शराब कई वर्ष से बिक रही है। और इसको पुलिस का संरक्षण भी प्राप्त है। वहीं कुछ समाजसेवियों ने इसकी शिकायत तहसील दिवस पर जिलाधिकारी से भी की थी लेकिन देर से ही सही आपके आबकारी विभाग ने छापेमारी तो की।
वही राणा मोबाइल की शॉप पर छापेमारी में मोबाइल कम शराब ज्यादा मिली अब सवाल यह है कि इतने लंबे समय तक आबकारी विभाग ने इंतजार क्यों किया, जबकि पुलिस और आबकारी विभाग दोनों को ही अच्छी तरह मालूम था कि शंकर डेरी पर शराब बिक रही है। लेकिन पकड़ने में इतनी देरी आखिर क्यों ? लेकिन जनता की नजर अब इस बात पर टिकी हुई है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की है। या आगे भी जारी रहेगी ।वहीं शराब के धंधे में छोटे-छोटे लड़के लगे हुए हैं। और रानीपुर मोड़ इस बात के लिए शुरू से बदनाम है कि यहां शराब गली गली में बिकती है। रानीपुर मोड़ पर दो थानों की सीमा का लाभ शराब माफिया उठाते हैं। जब ज्वालापुर पुलिस ऐक्शन करती है तो वह हरिद्वार थाना क्षेत्र में शराब बेचना शुरू कर देते हैं। और इन दो थानों के बीच में पुलिस कार्रवाई करने में कतराती है। लेकिन अब शंकर डेरी पर छापे से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। और महिलाओं में जो डर का वातावरण बना हुआ था। वह शायद अब काम हो जाएगा।












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