श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता; भगदड़ रोकने के लिए वैकल्पिक निकासी मार्ग तैयार रखने के निर्देश
पार्किंग से घाटों तक शटल बसें, अस्पतालों से पेयजल तक पुख्ता हों इंतजाम; निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने पर जोर
अमित कुमार
हरिद्वार। हरिद्वार कुंभ-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में कुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए विकसित होने वाली आधारभूत सुविधाएं ऐसी हों, जिनका लाभ हरिद्वारवासियों को पूरे साल मिल सके।
भगदड़ रोकने के लिए बने ठोस प्लान
सतपाल महाराज ने कहा कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पिछले कुंभ आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। बसों और ट्रेनों के संचालन की ठोस योजना बनाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन संबंधी जानकारी समय रहते मिल सके।उन्होंने भीड़भाड़ वाले दिनों में भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कहा कि ट्रेनों के प्रस्थान से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने या अन्य व्यवस्थाओं में अचानक बदलाव करने से बचा जाए। आपात स्थिति में भीड़ की सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग चिह्नित कर उन्हें पहले से तैयार रखा जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
पार्किंग से घाटों तक शटल बसों की व्यवस्था
कैबिनेट मंत्री ने पर्याप्त पार्किंग स्थलों और अस्थायी बस अड्डों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि यहां से प्रमुख घाटों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए शटल बस सेवाएं संचालित की जाएं।
कुंभ क्षेत्र की सड़कों के साथ मंदिरों और घाटों तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त रखा जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन सड़कों को भी आवागमन के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी जांच कराने के साथ रोप-वे का निरीक्षण सुनिश्चित करने को भी कहा। प्रमुख घाटों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए।
घाटों पर सुरक्षा, बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए रैंप
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पर्याप्त चेंजिंग रूम और वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लिए रैंप बनाने को कहा गया। आपदा या किसी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
अस्पतालों से शौचालयों तक पुख्ता हों व्यवस्थाएं
सतपाल महाराज ने कुंभ के दौरान संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अस्पतालों, एंबुलेंस, आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और चिकित्साकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उन्होंने कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज निस्तारण और पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे शौचालय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
शौचालयों की नियमित सफाई और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पानी की टंकियों की समय पर सफाई, जल की नियमित जांच और निरंतर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही विद्युत आपूर्ति और दूरसंचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को समय रहते सभी आवश्यक प्रबंध पूरे करने के निर्देश दिए।
मंदिरों, पुलों और घाटों को मिलेगा आकर्षक स्वरूप
कैबिनेट मंत्री ने हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों, पुलों और घाटों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सजावट, फसाड सुधार और लाइटिंग की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कुंभ को उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। साधु-संतों की शोभायात्राओं के दौरान पुष्पवर्षा, स्वागत और अभिनंदन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
मेलाधिकारी ने बताई निर्माण कार्यों की प्रगति
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ-2027 की तैयारियों और विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। पुलों, घाटों और सड़कों से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, नगर आयुक्त नंदन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता मनोज भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार सिंह, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता यशवीर मल्ल, पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता जीएस तोमर और एनएचएआई के परियोजना निदेशक पुनीत गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी टिहरी शैलेन्द्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल फिंचा राम चौहान सहित देहरादून, पौड़ी और टिहरी के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।










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