धामी कैबिनेट के 13 फैसले: अग्निवीरों को भर्ती में राहत, बाढ़ क्षेत्रों के विकास पर लगेगा नियमन

Spread the love

हरिद्वार में हुई बैठक में बाल वीरता पुरस्कार योजना, अग्निशमन कानून और प्राच्य शोध संस्थान के विकास को मंजूरी; जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश होगा

अमित कुमार

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार (सीसीआर) में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, रोजगार, आपदा प्रबंधन और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में राहत देने, बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग को नियंत्रित करने, अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून लाने और साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने जैसे निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी। वहीं, कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के लिए भी मंजूरी प्रदान की और इसकी तिथि एवं स्थान तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा।

अग्निवीरों को भर्ती में राहत, नई नियमावली मंजूर

कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत वर्ष 2025 की पूर्व नियमावली को अधिक्रमित किया जाएगा। पूर्व नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था।

बाढ़ के मैदानों में विकास गतिविधियां होंगी नियंत्रित

बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत बाढ़ मैदानों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाना है।

अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून

प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों और आग की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार इस विधेयक के माध्यम से मौजूदा अग्निशमन कानून को पुनरीक्षित कर सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

छोटे अपराधों पर बदलेगा कानूनी प्रावधान

व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने और अप्रचलित कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

ऋषिकुल में प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।   इसके लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। प्रस्तावित पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को प्रोत्साहित करना है।

परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से आय का 92 प्रतिशत संबंधित अभिकरणों को

उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

साहसी बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी। इसके अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, धैर्य, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।

215 पदों की अवधि एक साल बढ़ी

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन करेगा।

हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत

भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित नौ मीटर के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की छूट प्रदान की गई। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। शासनादेश में गलत दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।

संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन

उत्तराखण्ड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखण्ड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी केंद्र से सहयोग की अपेक्षा जताई गई।कैबिनेट बैठक में मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मीडिया को दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *