एफटीएससी/अपर सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनाया फैसला
केपीएस चौहान
हरिद्वार। किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित अंशुल की जमानत याचिका एफटीएससी/अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि राय की अदालत ने खारिज कर दी। शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब एक बजे लक्सर कोतवाली क्षेत्र से एक किशोरी घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस ने किशोरी को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी बस स्टैंड से बरामद किया। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने बताया कि घटना वाले दिन आरोपित अंशुल ने उसे लक्सर बुलाया था। इसके बाद वह उसे अपने गांव ले गया और शादी करने की बात कही। आरोप है कि बाद में उसने किशोरी को किराये के मकान में पत्नी की तरह रखा और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में अंशुल पुत्र सुनीता, निवासी आदर्श कॉलोनी, नई मंडी, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एफटीएससी/अपर सत्र न्यायालय ने अभियुक्त अंशुल की जमानत याचिका खारिज कर दी।









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