कुंभ की डेडलाइन पर प्रशासन का “नाइट शिफ्ट” दांव, 24 घंटे होगी निगरानी

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मेलाधिकारी सोनिका ने कार्यदायी संस्थाओं को दिए सख्त निर्देश, हर परियोजना की रोज होगी समीक्षा

हर कार्यस्थल पर लगेगा सूचना बोर्ड, देरी और गुणवत्ता में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

अमित कुमार

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को समय पर पूरा कराने के लिए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। मेलाधिकारी सोनिका ने कार्यदायी संस्थाओं को अतिरिक्त मानव संसाधन और मशीनरी लगाने के साथ बड़ी परियोजनाओं में दिन-रात दो पालियों में काम कराने के निर्देश दिए हैं। अब कुंभ से जुड़े कार्यों की प्रगति की 24 घंटे नियंत्रण कक्ष के माध्यम से निगरानी होगी। आज सीसीआर में अवस्थापना विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तेजी के साथ गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। रात की पाली में होने वाले कार्यों की निगरानी के लिए मेला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाएं प्रतिदिन शिफ्टवार कार्य की प्रगति, तैनात मानव संसाधन और उपलब्ध मशीनरी की जानकारी नियंत्रण कक्ष को दें। प्रत्येक परियोजना की दैनिक समीक्षा की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

काम की लागत से लेकर अफसरों के नंबर तक बोर्ड पर होंगे

मेलाधिकारी ने सभी कार्यस्थलों पर परियोजना से संबंधित सूचना बोर्ड प्रमुखता से लगाने के निर्देश दिए। बोर्ड पर परियोजना का नाम, लागत, कार्यदायी संस्था, संबंधित अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि सूचना बोर्ड ऐसी जगह लगाए जाएं, जहां आमजन आसानी से परियोजना की जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों को भी परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

गुणवत्ता जांच हर चरण में होगी

मेलाधिकारी ने थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नामित एजेंसियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता जांच केवल कार्य पूरा होने के बाद नहीं, बल्कि निर्माण के प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण में की जाए। एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ-साथ कार्य की समयबद्ध प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में जिन परियोजनाओं में काम की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त श्रमिक और मशीनरी लगाने के निर्देश दिए गए। बड़ी परियोजनाओं को दिन और रात दोनों पालियों में संचालित कर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा गया।

रोड़ी बेलवाला और हरकी पैड़ी पुनर्विकास पर विशेष नजर

मेलाधिकारी ने यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास, हरकी पैड़ी पुनर्विकास और एडमिन रोड से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने और पर्याप्त मानव संसाधन एवं मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के लिए उपलब्ध समय का अधिकतम और प्रभावी उपयोग किया जाना जरूरी है। प्रत्येक परियोजना की प्रगति पर अब लगातार नजर रहेगी और लापरवाही या अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, यूपीडीसीसी के महाप्रबंधक मनोज कुमार, अधीक्षण अभियंता टेक्निकल सेल मनोज भट्ट, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीपी सिंह समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता और अभियंता मौजूद रहे।

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