मलिन बस्तियों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर, समय पर वेतन और सुरक्षा उपकरण देने के निर्देश; लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण पर जोर
विशाल
हरिद्वार। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने आज सीसीआर सभागार में जिले के सभी शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम हरिद्वार, नगर निगम रुड़की, नगरपालिका शिवालिक नगर तथा नगर पंचायत लक्सर, मंगलौर, ढंडेरा और झबरेड़ा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने कर्मचारियों की संख्या, स्वीकृत एवं रिक्त पदों, आउटसोर्स कर्मचारियों और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
गोल्डन कार्ड से ईपीएफ तक सुविधाएं सुनिश्चित हों
संतोष गौरव ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र कर्मचारी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने ईएसआई कार्ड, गोल्डन कार्ड, श्रम कार्ड, ईपीएफ समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लंबित कार्ड और दस्तावेजों का समयबद्ध निस्तारण करने को भी कहा।
मलिन बस्तियों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर
सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों और सफाई कर्मचारियों के निवास वाले क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
खुले नालों और सेफ्टी टैंक में काम करने वालों का सर्वे
उपाध्यक्ष ने खुले नालों, सीवर और सेफ्टी टैंकों में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों का सर्वे कर सूची तैयार करने और आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ कर्मचारियों द्वारा उनका इस्तेमाल सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया।
समय पर वेतन और साप्ताहिक अवकाश जरूरी
संतोष गौरव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के वेतन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और अन्य देयकों की नियमित निगरानी कर उन्हें शासन के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से देने के निर्देश भी दिए। लंबे समय से सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े मामलों की जानकारी लेते हुए उन्होंने पात्रता और शासनादेशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
मृत कर्मचारी के आश्रित को नियुक्ति में देरी न हो
उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रित को योग्यता और नियमानुसार नियुक्ति उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए। ऐसे मामलों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए पात्र प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जनपद आगमन पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंटकर आयोग के उपाध्यक्ष का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों और सुझावों का संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि राजेंद्र श्रमिक, सुरेंद्र तेश्वर, प्रवीण तेश्वर, नानक चंद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी पवन कार्की, एसडीओ वन प्रभाग पूनम कैंथोला, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, संबंधित कर्मचारी और सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।









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