हरिद्वार में उद्योग जगत और प्रशासन के बीच संवाद, औद्योगिक संगठनों ने उठाए बुनियादी सुविधाओं व सब्सिडी के मुद्दे
महिला उद्यमियों को प्रमाण पत्र देकर किया प्रोत्साहित, मंत्री भरत सिंह चौधरी ने समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
एस. गुप्ता
हरिद्वार। स्कूली बच्चों के नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमशीलता के नए विचारों ने हरिद्वार में उद्योग मंत्री का ध्यान खींचा। किसी ने अपने अभिनव विचारों से स्वरोजगार की संभावनाएं सामने रखीं, तो किसी ने रोजगार सृजन का खाका प्रस्तुत किया। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के तहत सिडकुल स्थित मेसर्स प्योर एंड केयर हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित एमएसएमई संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ स्थानीय उद्यमियों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप और नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए। मंत्री और मुख्य विकास अधिकारी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपने विचारों को विकसित कर भविष्य में सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
क्लाउड किचन से मशरूम उत्पादन तक, स्थानीय उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमिता से जुड़े उद्यमियों ने अपनी उपलब्धियों तथा रोजगार सृजन के प्रयासों की जानकारी दी। क्लाउड किचन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, सॉफ्ट टॉय निर्माण और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। संवाद के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया।
सड़क, पानी, बिजली और सब्सिडी की अड़चनें उठीं
औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उद्योगों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा। औद्योगिक क्षेत्रों में जलापूर्ति, सड़क और विद्युत जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ एमएसएमई नीति-2023 के तहत अनुमन्य सब्सिडी एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने में आ रही कठिनाइयों और भूमि क्रय से जुड़े लंबित मामलों पर ध्यान आकर्षित किया गया। बैठक में लघु उद्योग भारती, रुड़की नगर के जिलाध्यक्ष केतन भारद्वाज, सिडकुल के जिलाध्यक्ष मनोज गौतम, भगवानपुर के जिलाध्यक्ष प्रवीण गर्ग, रुड़की स्मॉल स्केल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश मित्तल, सिडकुल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गर्ग एवं पंकज गर्ग, सिडकुल एंटरप्रेन्योर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमेश कपूर और आयुष एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मोहिंदर आहूजा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे। मंत्री भरत सिंह चौधरी ने औद्योगिक संगठनों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार तथा नीतिगत स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने शासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद को औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
महिला उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री ने जिले में स्वरोजगार की दिशा में काम कर रही महिलाओं को प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने महिलाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता के प्रयासों की सराहना करते हुए अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृष्णायन गौशाला के आत्मानंद जी महाराज, स्वामी अनंतानंद, अकम्स प्योर एंड केयर हेल्थकेयर के सीईओ मनन जैन, प्रबंधक उद्योग चंद्र मोहन, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल कमल किशोर, खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल, सहायक प्रबंधक उद्योग दिनेश चंद्र आर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और महिला समूहों की सदस्य मौजूद रहीं।










Leave a Reply