उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही सरकार : धामी

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उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित, 1.27 लाख युवाओं को मिला रोजगार

7वें सीआईआई उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में मुख्यमंत्री ने कहा—निवेश, नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता

अमित कुमार

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए नियामक की भूमिका में नहीं, बल्कि सहयोगी और सहभागी के रूप में काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड में उद्यमियों और निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था मिले, ताकि निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों। मुख्यमंत्री आज हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक नगरी के साथ हरिद्वार उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभरा है। इस तरह के आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को साझा मंच प्रदान करते हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कनेक्टिविटी से उद्योगों को मिल रहा नया आधार

श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना तथा बेहतर होती कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है।

स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ का वेंचर फंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बने, इसी उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इससे औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पहाड़ों में भी उद्योगों को बढ़ावा

श्री धामी ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। श्री धामी ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखंड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखंड ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे प्रदेश की संभावनाओं का लाभ उठाते हुए निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनें।

उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ : प्रदीप बत्रा

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हरिद्वार में आयोजित इंडस्ट्रियल समिट उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। पिछले वर्षों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न उत्पादों एवं औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी ली। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और प्रशिक्षण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, शिवालिकनगर नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, सीआईआई उत्तराखंड अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सौरव दास, उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, सिडकुल के प्रबंध निदेशक सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, सीआईआई उत्तराखंड निदेशक गौरव लांबा, चेयरपर्सन सोनिया, संदीप जैन सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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